औक़ात नही मैं कर्ज़ निभाऊं तुझसे मैं ऊपर हो जाऊं औक़ात नही मैं कर्ज़ निभाऊं तुझसे मैं ऊपर हो जाऊं
दास्तां हमारे मुहब्बत की कैसे बयां करे जो सिर्फ एक शख़्स के गिर्द गर्दिश करती है। दास्तां हमारे मुहब्बत की कैसे बयां करे जो सिर्फ एक शख़्स के गिर्द गर्दिश करत...
हर राह पर मेरा हाथ थामने वाली तू ही है माँ, तू ही है। हर राह पर मेरा हाथ थामने वाली तू ही है माँ, तू ही है।
तुम्हारी एक छोटी सी चोट पर वह खूब रोती ! तुम्हारी एक छोटी सी चोट पर वह खूब रोती !
आंसू बहते हर वक्त है मां तू ही मेरी जन्नत है मां तू ही मेरी मन्नत है। आंसू बहते हर वक्त है मां तू ही मेरी जन्नत है मां तू ही मेरी मन्नत है।
माँ के कदमों से बढ़कर कोई जन्नत नहीं, साथ रहे ममता का इससे बड़ी मन्नत नहीं। माँ के कदमों से बढ़कर कोई जन्नत नहीं, साथ रहे ममता का इससे बड़ी मन्नत नहीं।